तिरुवनंतपुरम , फरवरी 22 -- देश के सार्वजनिक मुक्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन 23 से 25 फरवरी तक यहां आयोजित किया जाएगा। श्री नारायण गुरु मुक्त विश्वविद्यालय राजधानी स्थित मैस्कॉट होटल में इस सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश के सार्वजनिक मुक्त विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना तथा उच्च शिक्षा क्षेत्र में नवोन्मेषी सुधारों को बढ़ावा देना है। यह वार्षिक बैठक इंडियन एसोसिएशन ऑफ पब्लिक ओपन यूनिवर्सिटीज (आईएपीओयू) के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, ताकि दूरस्थ शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सके और संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित किया जा सके।
कार्यक्रम का आयोजन कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग तथा कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया के सहयोग से किया जा रहा है।
तिरुवनंतपुरम सम्मेलन में मुक्त विश्वविद्यालयों के बीच समान क्रेडिट ट्रांसफर ढांचा तैयार करने, डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षण-अधिगम पद्धतियों के आधुनिकीकरण तथा उच्च शिक्षा के लोकतंत्रीकरण को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा, दूरस्थ शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग तथा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) प्रणाली में नामांकन और पहुंच बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन की मेजबानी को केरल के उच्च शिक्षा परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि श्री नारायण गुरु मुक्त विश्वविद्यालय राज्य का एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय है।
उद्घाटन सत्र 23 फरवरी को प्रातः 10:15 बजे आयोजित होगा। उद्घाटन राज्य की उच्च शिक्षा एवं सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. आर. बिंदु करेंगी। कुलपति प्रो. (डॉ.) जगती राज वी. पी. कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में केरल राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजन गुरुक्कल, कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. पीटर स्कॉट (ऑनलाइन), तथा आईएपीओयू के अध्यक्ष एवं यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव सोनावणे शामिल होंगे। कुलसचिव डॉ. अभिलाष बाबू स्वागत भाषण देंगे तथा सिंडिकेट सदस्य अधिवक्ता वी. पी. प्रशांत शुभकामनाएं व्यक्त करेंगे।
उद्घाटन समारोह के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा तैयार "ग्रेजुएट एम्प्लॉयबिलिटी स्किल गाइडलाइंस" का औपचारिक विमोचन भी किया जाएगा, जिसे मंत्री डॉ. बिंदु प्रो. राजन गुरुक्कल को सौंपेंगी।
देश और विदेश के प्रमुख मुक्त विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं शिक्षाविद सम्मेलन में भाग लेंगे। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की प्रो. उमा कंजीलाल, डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के प्रो. खंद्रा चक्रपाणि, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी की प्रो. (डॉ.) अमी उपाध्याय, श्रीलंका ओपन यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रो. पी. एम. सी. थिलकरत्ने, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के प्रो. नवीन चंद्र, कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी के प्रो. शरणप्पा वी. हलसे, तथा डिजिटल यूनिवर्सिटी केरल के प्रो. (डॉ.) साजी गोपीनाथ शामिल हैं।
तीनों दिनों में आयोजित तकनीकी सत्रों में दूरस्थ शिक्षा के भविष्य, डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम, शिक्षार्थी सहायता प्रणाली तथा मूल्यांकन सुधारों पर गहन चर्चा होगी। आखिरी दिन 25 फरवरी को आयोजित समापन सत्र का उद्घाटन उच्च शिक्षा प्रधान सचिव डॉ. शर्मिला मैरी जोसेफ करेंगी, जबकि सिंडिकेट सदस्य प्रो. (डॉ.) पी. पी. अजयकुमार और डॉ. एम. जयप्रकाश सभा को संबोधित करेंगे।
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