नयी दिल्ली , मई 29 -- वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मजबूती के साथ कुल लगभग 283.3 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया और उनका कुल शुद्ध लाभ बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया जो इनके शुद्ध लाभ अब तक का कीर्तिमान है।
यह जानकारी शुक्रवार को यहां वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समीक्षा बैठक में दी । बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन बैंकों के परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक प्राथमिकताओं की प्रगति का आकलन किया गया। इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के विशेष सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा कार्यकारी निदेशक शामिल थे।
बैठक में बताया गया कि कर्ज की गुणवत्ता भी मजबूत बनी रही। वर्ष के दौरान सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ (जीएनपीए) घटकर ऐतिहासिक न्यूनतम 1.93 प्रतिशत पर और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ (एनएनपीए) घटकर कुल बकाया कर्ज के 0.39 प्रतिशत तक सीमित रहीं ।
वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट और विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन प्रथाओं को दर्शाता है। बैठक में प्रधानमंत्री जन धन योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा और डिजिटल लेंडिंग पहलों सहित प्रमुख वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस बात को देखा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देशभर में बैंकिंग सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंचाने के काम को सुनिश्चित करने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
छोटे मूल्य के ऋणों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल लेंडिंग प्रक्रिया के कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसमें बैंकों ने ई-केवाईसी, डिजिटल दस्तावेजीकरण, स्ट्रेट थ्रू प्रोसेसिंग (एसटीपी) और सरकारी प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण जैसी पहलों के माध्यम से प्रक्रियाओं को कागजरहित और अधिक सुलभ बनाने के उपायों पर प्रकाश डाला। इससे ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है।
बैठक के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास पड़े बिना दावे की राशियों को पात्र जन तक पहुंचाने की पहल "आपकी पूँजी, आपका अधिकार" विषय पर एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। इसमें दर्शाया गया है कि पिछले छह महीनों में देशभर के लगभग 29 लाख दावेदारों को 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लौटाई गई है। इसके अलावा, वित्तीय सेवा विभाग की नई और आधुनिक वेबसाइट भी प्रारंभ की गई। यह वेबसाइट 23 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें दृष्टिबाधित व्यक्तियों की सुविधा के लिए विशेष उपाय किये गये हैं।
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