पटना , सितंबर 02 -- िहार में जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण (ग्राउंट वाटर रिचार्ज) की व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सार्वजनिक चापाकलों एवं कुओं के किनारे सोख्ता का निर्माण कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के माध्यम से वर्षा जल एवं उपयोग के बाद उपलब्ध जल को जमीन में फिर से पहुंचाने तथा जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में यह बेहद महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक चापाकलों के किनारे सोख्ता निर्माण के लिए कुल 2,34,089 कार्य प्रारंभ किए गए, जिनमें से 2,30,724 कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं वर्तमान में 3,365 कार्य प्रक्रियाधीन हैं। इसी प्रकार सार्वजनिक कुओं के किनारे सोख्ता निर्माण के लिए 31,492 कार्य प्रारंभ किए गए, जिनमें से 31,323 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 169 कार्य प्रक्रियाधीन हैं।

सोख्ता निर्माण का उद्देश्य जल को व्यर्थ बहने से रोकते हुए उसे जमीन में समाहित करने की व्यवस्था विकसित करना है। इससे स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के व्यापक उद्देश्यों में भूजल स्तर को संतुलित रखना, पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन शामिल है। अभियान के अंतर्गत सोख्ता निर्माण के साथ-साथ सार्वजनिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, तालाब-पोखर एवं आहर-पईन के पुनरुद्धार, चेक डैम एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं के निर्माण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सोख्ता निर्माण जैसे कार्यों को और प्रभावी बनाना अभियान की महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

जल-जीवन-हरियाली, तभी होगी खुशहाली।

ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जल संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले छोटे-छोटे प्रयासों का व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक चापाकलों एवं कुओं के किनारे सोख्ता निर्माण से पानी को व्यवस्थित तरीके से जमीन में पहुंचाने में सहायता मिलती है तथा जल संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

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