पटना , मार्च 17 -- बिहार में स्टार्टअप योजना के जरिये प्रदेश में उभरते उद्यमियों ने अपनी पहचान बनायी है।
राज्य के सारण जिले के महमदपुर गांव में रहने वाली महिला गुड़िया कुमारी ने होम साइंस विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय भोजपट्टा एग्रीटेक स्टार्टअप लांच करने की योजना बनायी। उन्होंने बताया कि 2012 में केला रेसा यानि फाइबर को खरीदने के लिए किसानों के पास जाया करती थी। एक बार हाजीपुर एवं सारण का इलाका बाढ़ से ग्रसित हो गया। जिससे केला पैदा करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। तभी उन्होंने फल एवं सब्जी को सुखाने एवं हल्का रखने के लिए अपने गांव में ही पहला ड्राइयर बनाया और एक किसान को इस्तेमाल करने के लिए दिया, जो बिल्कुल सफल साबित रहा।
वहीं भोजपट्टा के को-फाउंडर एवं गुड़िया कुमारी के पति नीतीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में उद्योग विभाग की स्टार्टअप योजना के लाभ से नौ लाख का ऋण प्राप्त हुआ। योजना ने उनके स्टार्टअप को देश एवं दुनिया के बड़े प्लेटफॉर्म पर प्रमोट करने में भी अहम भूमिका निभाई। भोजपट्टा एग्रीटेक के ड्राइयर को उन्होंने खुद ही डिजाइन किया है। जिसका उन्हें पेटेंट भी मिल चुका है।
भोजपट्टा एग्रीटेक के 250 ड्रायर अबतक बिक चुके है। जिससे बिहार के बाढ़ ग्रसित इलाके में खेती करने वाले किसान इसके लाभ से अपने फल एवं सब्जियों को तैयार करके दोगुनी आय अर्जित कर रहे है।
श्री कुमार ने कहा कि अपने प्रोडक्ट के दम पर उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। जिसमें महारथी अवार्ड, ग्रीन इनर्जी चैलेंज अवार्ड में 10 लाख रुपये एवं आइआइटी कानपुर से 12 लाख का प्रोत्साहन फंडिंग दिया जा चुका है। बिहार अब शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ उद्योग-उद्यम की भूमि बनकर उभर रहा है।
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