भोपाल , मई 14 -- मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बैतूल जिले के सारणी स्थित 220 केवी सबस्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मंत्री ने कहा कि सारणी सबस्टेशन में स्थापित 100 एमवीए क्षमता का पुराना पावर ट्रांसफार्मर लगातार 45 वर्षों तक निर्बाध सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुआ है। वर्ष 1978 में निर्मित इस ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष थी, लेकिन मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तथा बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों के कुशल रखरखाव के कारण इसने लगभग दोगुनी अवधि तक सेवाएं दीं।

उन्होंने बताया कि सारणी ताप विद्युत गृह से उत्पादित बिजली को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित एवं सतत रूप से पहुंचाने में इस ट्रांसफार्मर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते साढ़े चार दशकों में इसने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ औद्योगिक, कृषि एवं सामाजिक विकास में भी योगदान दिया।

एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद सारणी 220 केवी सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 320 एमवीए हो गई है। इससे तीन 132 केवी सबस्टेशनों को लाभ मिलेगा तथा रेलवे ट्रैक्शन घोड़ाडोंगरी के दोनों फीडरों को भी गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि नए ट्रांसफार्मर के चालू होने से बैतूल जिले की कुल स्थापित क्षमता 740 एमवीए से बढ़कर 800 एमवीए हो गई है। एमपी ट्रांसको जिले में अपने 220/132 केवी के तीन तथा 132/33 केवी के छह सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित कर रही है।

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