रायपुर , जनवरी 14 -- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बुधवार मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को आईएफएस में चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। राज्य न केवल समृद्ध वन्य जीवन के लिए जाना जाता है, बल्कि वनों से प्रदेश के बहुसंख्यक नागरिकों की आजीविका और सामाजिक जीवन भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में भारतीय वन सेवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से पूरे मनोयोग और समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर इस स्वर्णिम अवसर का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आईएफएस के कुल छह प्रशिक्षु अधिकारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से 16 सप्ताह की ऑन जॉब ट्रेनिंग के लिए छत्तीसगढ़ भेजे गए हैं। इन अधिकारियों को राज्य के बस्तर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कटघोरा एवं जशपुर वन मंडलों में पदस्थ किया गया है। यह प्रशिक्षण पांच जनवरी से 25 अप्रैल तक संचालित होगा, जिसके दौरान प्रशिक्षु अधिकारी वन प्रबंधन, संरक्षण एवं प्रशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जमीनी अनुभव प्राप्त करेंगे।
प्रशिक्षु अधिकारियों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग एवं दंतेवाड़ा जिले के अधिकारी भी शामिल हैं।
इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक भैयालाल राजवाड़े, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर मणि वासगन एस तथा प्रशिक्षु अधिकारी अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा, एम. जालिंदर यादव, पारख सारदा, प्रीति यादव एवं यशस्वी मौर्या उपस्थित थे।
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