रायपुर , जुलाई 10 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार देर रात राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में 11 हितग्राहियों को नए आवासों की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।
इस अवसर पर रेडियो कार्यक्रम 'दीदी के गोठ' के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वार्षिकोत्सव एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'दीदी के गोठ' कॉफी टेबल बुक, 'बिहान वाणी' त्रैमासिक पत्रिका तथा 'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया। उन्होंने 'दीदी के गोठ' में अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा कार्यक्रम के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी और फोटो गैलरी का अवलोकन कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'दीदी के गोठ' प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रभावी मंच बन चुका है। एक वर्ष में प्रसारित 12 एपिसोड के माध्यम से स्वरोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता की सफल कहानियां हजारों महिलाओं तक पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं ड्रोन संचालन, कृषि, पशुपालन, ऑर्गेनिक खेती, निर्माण कार्य और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद ने वर्चुअल माध्यम से अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि बिहान मिशन से प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने कपड़ा एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और अब प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया था। लगातार प्रयासों से अब तक 11 लाख से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं। इनमें पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग छह लाख तथा चालू वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों में एक लाख 51 हजार आवास पूर्ण हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1500 से अधिक प्रधानमंत्री आवास तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और अब तक 28 किश्तों में करीब 18 हजार करोड़ रुपये उनके खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
मुख्यमंत्री ने 'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के एक लाख से अधिक कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत डबरी, तालाब, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 'दीदी के गोठ' महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए '36 कला' ब्रांड विकसित किया गया है तथा समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि 'दीदी के गोठ' के माध्यम से महिलाओं तक नवाचार और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 'दीदी के गोठ' कार्यक्रम का प्रसारण अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। अब तक 25 जिलों की 38 महिलाएं इस मंच से अपनी स्थानीय बोली में सफलता, नवाचार और आजीविका की कहानियां साझा कर चुकी हैं। कार्यक्रम के 12वें एपिसोड का प्रसारण गुरुवार को प्रदेशभर में किया गया।
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