नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर छत्तीसगढ़ के प्रदेश के विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

राज्य सरकार की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी को छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों और विशेष रूप से बस्तर के विकास की वृहद योजना की जानकारी दी। उन्होंने राज्य में तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का आग्रह किया। प्रस्तावित गैस आधारित यूरिया कारखाने, रायपुर या बस्तर में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थाना तथा बस्तर क्षेत्र के बाकी बचे गावों तक बिजली पहुंचाने के की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

श्री साय ने प्रधानमंत्री से राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।राज्य सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नयी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

श्री साय ने श्री मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) की स्थापना के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय किये जाने का भी अनुरोध किया। राज्य सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।

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