पटना , सितंबर 12 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार को कहा कि देश में जानकारी और आंकड़ों की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत ऐसे शोध की है, जो विश्वसनीय तथ्यों पर आधारित हो, स्पष्ट रूप से समझ में आए और समाज तथा सरकार के लिए उपयोगी साबित हो।
राज्यपाल ने कहा कि अच्छा शोध सही सवाल से शुरू होता है और तथ्यों एवं प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचता है।
श्री हसनैन आज चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना में बिहार लोक भवन और उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की ओर से भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित 'सामाजिक विज्ञान शोध पद्धति एवं लेखन कौशल' विषयक छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
इस कार्यशाला के नॉलेज पार्टनर इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट, नई दिल्ली हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित