लखनऊ , मार्च 13 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पाटी द्वारा आयोजित "सामाजिक परिवर्तन दिवस" कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कांशीराम जयंती के दो दिन पहले प्रस्तावित यह कार्यक्रम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह पहल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और दलित विचारक कांशी राम की जयंती से दो दिन पहले शुरू की जा रही है। राज्य की दलित राजनीति पर उनकी विरासत का गहरा प्रभाव माना जाता है, इसलिए कांग्रेस उनके बहुजन सशक्तिकरण के विचारों को सामने रखकर दलित समुदाय से दोबारा जुड़ने की कोशिश कर रही है।

करीब दो साल के अंतराल के बाद लखनऊ में राहुल गांधी का यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। इससे पहले उन्होंने मई 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'संविधान बचाओ सम्मेलन' को संबोधित किया था। आज होने वाले कार्यक्रम में दलित नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य फोकस सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी और हाशिए पर पड़े समुदायों के सशक्तिकरण पर रहेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान दलित समुदाय कठिन दौर से गुजर रहा है और यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय की नई पहल साबित होगा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह पहल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूरे उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं से जमीनी स्तर पर फिर से संपर्क स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व ने इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक कर रणनीति भी तय की है।

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। इनमें राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा 'मोना', अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर और प्रदीप नरवाल समेत प्रदेश भर से आए पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।

श्री गांधी करीब 3:30 बजे आयोजित सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पार्टी नेताओं के अनुसार अपने संबोधन में वह संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस इस वर्ष कांशी राम जयंती को "सामाजिक परिवर्तन दिवस" के रूप में मना रही है। पार्टी का कहना है कि मान्यवर कांशीराम ने देश में सामाजिक न्याय और बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा दी थी।

इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस इस अवसर पर "बहुजन संवाद कार्यक्रम" आयोजित कर रही है, जिसके माध्यम से दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी तथा सामाजिक न्याय के एजेंडे को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने कहा कि कांशी राम किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं हैं। उनके विचार सामाजिक न्याय की व्यापक सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं और राहुल गांधी उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

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