, July 5 -- राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस समय देश में संवैधानिक संस्थाएं दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश भर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और संवैधानिक मूल्यों को क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, अल्पसंख्यकों के अधिकार और क्षेत्रीय असमानता जैसे मुद्दों को पहचान आधारित राजनीति की आड़ में पीछे धकेला जा रहा है।
श्री यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने, प्रगतिशील सामाजिक समूहों से संबंध मजबूत करने और लोगों को यह भरोसा दिलाने का आह्वान किया और कहा कि उनकी पार्टी संसद से लेकर सड़क तक लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि राजद को केवल एक चुनावी दल नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित एक जनआंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान राजनीतिक संघर्ष को विशेषाधिकार और वंचना के बीच की लड़ाई बताते हुए समान विचारधारा वाली ताकतों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतभेद भुलाकर संविधान के मूल्यों तथा किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि राजद का 30वां स्थापना दिवस आज बिहार के सभी जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जा रहा है।
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