कानपुर , मई 6 -- जनगणना 2027 के तहत पहली बार नागरिकों को घर बैठे स्वयं अपनी गणना दर्ज करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके तहत सात मई से 21 मई तक लोग स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से संबंधित विवरण ऑनलाइन भर सकेंगे, जबकि 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। जिला अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को बताया कि "हमारी जनगणना, हमारा विकास" थीम के अंतर्गत जनपद में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वगणना की प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल है, जिससे लोगों को किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि नागरिक जनगणना पोर्टल https:e.census.gov.in पर जाकर अपने राज्य का चयन कर पंजीकरण कर सकते हैं। परिवार के मुखिया का नाम और दस अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक परिवार का पंजीकरण संभव होगा, जबकि कोई भी व्यक्ति देश में कहीं से भी अपने परिवार की स्वगणना कर सकता है।

नागरिक अपनी पसंद की भाषा में जिले, पिन कोड तथा गांव या शहर का विवरण भरने के साथ मानचित्र पर अपने आवास का सटीक स्थान भी चिह्नित कर सकेंगे। इसके बाद मकान सूचीकरण और परिवार से संबंधित प्रश्नावली भरनी होगी। सभी विवरण दर्ज करने के बाद प्रिव्यू स्क्रीन पर जानकारी की जांच कर "फाइनल सबमिट" करने पर 11 अंकों की विशिष्ट स्वगणना पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के सत्यापन के समय प्रस्तुत करना होगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि घर-सूचीकरण चरण में भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, जल, बिजली और शौचालय की उपलब्धता, ईंधन के प्रकार तथा फोन, वाहन और टेलीविजन जैसी परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 प्रकार के विवरण एकत्र किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वगणना से समय की बचत होगी और आंकड़ों का संकलन अधिक तेजी व शुद्धता के साथ किया जा सकेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जो परिवार स्वगणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए प्रगणक निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून तक घर-सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संचालित किया जाएगा। जनगणना से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है तथा पोर्टल पर चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं।

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