बैतूल , सितंबर 08 -- मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब की घटना के बाद बैतूल जिला प्रशासन भी अवैध और अनियमित शराब बिक्री को लेकर सतर्क हो गया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर जिले में अवैध मदिरा के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने शराब दुकानों का औचक निरीक्षण कर बिक्री व्यवस्था और शराब के बैच की जांच की।

जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चडार ने सोमवार को सारणी क्षेत्र में अचानक पहुंचकर कम्पोजिट मदिरा दुकान बगडोना और कम्पोजिट मदिरा दुकान सारणी नंबर-2 का निरीक्षण किया। अचानक हुई कार्रवाई से शराब दुकान संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शराब की बिक्री दरों का सत्यापन किया। इसके अलावा अलग-अलग मदिरा की बोतलों के बैच नंबर का रैंडम तरीके से मिलान किया गया। बोतलों पर दर्ज ईएएल कोड की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दुकानों पर उपलब्ध मदिरा अधिकृत स्रोत से प्राप्त हुई है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बिक्री की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान कुछ त्रुटियां सामने आने पर जिला आबकारी अधिकारी ने संबंधित वृत्त प्रभारी सारणी को विभागीय प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। विभाग ने कहा है कि शराब बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। विशेष अभियान के तहत शराब दुकानों के साथ संदिग्ध स्थानों पर भी जांच की जा रही है।

सागर जिले की घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में शराब की गुणवत्ता, बिक्री प्रक्रिया और अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है। बैतूल में आबकारी विभाग की औचक जांच को इसी सतर्कता अभियान का हिस्सा बताया गया है। जिला प्रशासन ने शराब दुकानों की जांच आगे भी जारी रखने और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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