बुलंदशहर , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में साइबर ठगों द्वारा एक वृद्ध महिला को करीब 10 घंटे तक "डिजिटल अरेस्ट" में रखकर 25 लाख रुपये की ठगी का प्रयास साइबर सेल ने विफल कर दिया।

पुलिस अधीक्षक (अपराध) नरेश कुमार ने शनिवार को बताया कि 20 मार्च की शाम करीब छह बजे एक महिला ने सूचना दी कि उसकी परिचित वृद्ध महिला संदिग्ध परिस्थितियों में "डिजिटल अरेस्ट" में हो सकती हैं। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) के निर्देशन में साइबर सेल टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की लोकेशन ट्रेस कर मौके पर पहुंचकर उसे ठगों के चंगुल से मुक्त कराया।

पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र की आवास-विकास कॉलोनी निवासी वृद्ध महिला अकेली रहती हैं और उनके बच्चे विदेश में हैं। साइबर ठगों ने स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और "डिजिटल अरेस्ट" का भय दिखाया।

ठगों ने महिला के मोबाइल में एक मैसेजिंग एप इंस्टॉल कराकर उसे किसी से संपर्क न करने और प्रति घंटे "आई एम सेफ" संदेश भेजने के लिए मजबूर किया। साथ ही फर्जी दस्तावेज, कथित प्राथमिकी तथा सीबीआई और इंटरपोल के नाम से नोटिस भेजकर उसे डराया गया।

साइबर टीम ने महिला का मोबाइल सुरक्षित कर संबंधित बैंक खाते को भी तत्काल सुरक्षित कराया, जिससे 25 लाख रुपये की संभावित ठगी टल गई। पुलिस ने महिला को बताया कि कानून में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। मामले में साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता ने समय पर मदद के लिए साइबर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है।

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