हैदराबाद , अप्रैल 23 -- तेलंगाना में हैदराबाद सिटी पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के संगठित नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' के तहत गुरुवार को बैंकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकारी और निजी क्षेत्र के 45 बैंकों के 75 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंक खातों के बढ़ते दुरुपयोग को रोकना और धोखाधड़ी से बचने के उपायों को मजबूत करना था। इस चर्चा में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय निदेशक चिन्मय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी खाते पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया।

पुलिस ने बैंकों के सामने 'दोहरा' का लक्ष्य रखा है पहला यह कि किसी भी बैंक शाखा से जुड़ा कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार न हो, और दूसरा यह कि बैंक में कोई भी फर्जी खाता न खुलने पाए। इसके लिए केवाईसी नियमों का कड़ाई से पालन करने, खातों की वास्तविक समय में निगरानी करने और बैंक कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि कंबोडिया, वियतनाम और दुबई जैसे देशों से चलने वाले साइबर आपराधिक गिरोह स्थानीय एजेंटों और कभी-कभी बैंक के अंदरूनी कर्मचारियों की मदद से अपना काम करते हैं।

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