श्रीगंगानगर , मार्च 14 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में डाटा एंट्री के लुभावने झांसे देकर युवाओं को विदेश भेजकर उन्हें साइबर धोखाधड़ी के जाल में फंसाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को अमृतपाल सिंह रामदासिया (25) की ओर से साइबर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में विक्रम रामगढ़िया और राजीव चौधरी निवासी नयी दिल्ली को मुख्य रूप से नामजद किया गया है। पुलिस इंस्पेक्टर सतवीर मीणा को मामले की जांच सौंपी गयी है। यह मामला पिछले वर्ष का है। करीब एक वर्ष पहले भारतीय सेना ने म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर इनमें से करीब आठ सौ युवकों को बचाया था। उन्हीं युवकों में अमृतपाल सिंह भी शामिल था। अब उच्च स्तर से मिले निर्देश के बाद पुलिस सक्रिय हुई है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित अमृतपाल सिंह पिछले वर्ष केसरीसिंहपुर थाने में मामला दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन तब मामला दर्ज नहीं हुआ। अमृतपाल सिंह ने दर्ज कराई प्राथमकि में बताया कि विक्रम रामगढ़िया और राजीव चौधरी ने डाटा एंट्री का झांसा देकर विदेश भेजा। वहां बंधक बनाकर जबरन उससे साइबर धोखाधड़ी का काम करवाया गया और लाखों रुपये हड़प लिए। सूत्रों के अनुसार मामला 700-800 युवाओं से जुड़ा होने और भारतीय सेना के ऑपरेशन में शामिल होने के कारण उच्च स्तर पर मिले निर्देश के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में और भी नाम सामने आने की संभावना है।

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