दुर्ग , सितंबर 18 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए अब तक 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने 3,162 म्यूल बैंक खातों को चिह्नित किया है, जिनमें से 1,668 खातों के संबंध में 63 प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।

पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक चिह्नित 3,162 म्यूल खातों में 578 खातों का सत्यापन और इस्तगासा की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि 916 खाते अभी जांच के दायरे में हैं। इन खातों से संबंधित बैंकिंग लेन-देन, केवाईसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में खाताधारकों की भूमिका के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित खातों का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था तथा साइबर ठगी या ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त रकम किन-किन खातों में स्थानांतरित की गई।

म्यूल खातों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने साइबर ठगी और सट्टे से संबंधित शिकायतों के अलावा बैंकिंग ट्रांजेक्शन, केवाईसी रिकॉर्ड, यूपीआई लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया है। इसके आधार पर रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजे जाने की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, केवाईसी दस्तावेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार अब तक 63 एफआईआर में 1,668 म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और इन मामलों में कुल 257 गिरफ्तारियां हुई हैं। खातों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े इन मामलों में कुल दो करोड़ 75 लाख 50 हजार 91 रुपए की विवादित रकम पर होल्ड लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक इसका उद्देश्य संबंधित राशि को आगे ट्रांसफर किए जाने या निकाले जाने से रोकना है।

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