श्रीगंगानगर , मई 20 -- राजस्थान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) हवासिंह घुमारिया ने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

एडीजीपी घुमारिया आज श्रीगंगानगर जिले के वार्षिक निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवधि में ही कार्रवाई करने से ठगी गई राशि को आगे स्थानांतरित होने से रोका जा सकता है।

श्री घुमारिया ने साइबर पुलिस थाना और सामान्य थानों में पीड़ितों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई न होने और राशि निकल जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे मामलों में जितनी जल्दी कार्रवाई की जाएगी, राशि वापस दिलाने की उतनी ही अधिक संभावना रहेगी।

श्री घुमारिया ने जिला पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देने की बात कही। बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों के साइबर ठगी में शामिल होने पर पूछे गए सवाल के जवाब में एडीजीपी ने कहा,-"मैं यहां पता लगाकर जाऊंगा। अगर कोई ऐसा मामला है जिसमें बैंक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है तो मैं कड़े निर्देश देकर जाऊंगा।" उन्होंने कहा कि अब साइबर अपराध को अन्य अपराधों की तरह पूरी गंभीरता और तत्परता से लेना जरूरी हो गया है क्योंकि इन मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।

श्रीगंगानगर जिले को अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा होने के मद्देनजर एडीजीपी घुमरिया ने सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जिला पुलिस को इस क्षेत्र में अच्छी सफलता मिली है, लेकिन अब भी और अधिक सजगता एवं तत्परता की आवश्यकता है।

बढ़ती नशाखोरी पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने जनसहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा-अगर लोग आगे बढ़कर सहयोग नहीं करेंगे तो बहुत से युवाओं की जिंदगियां बर्बाद हो जाएंगी। लोगों को इस समस्या की गंभीरता और भयावहता को समझना होगा।

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