दुर्ग , अक्टूबर 08 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दो हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और उनसे संबंधित दस्तावेज अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपये की रकम का लेनदेन होने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम और संदिग्ध बैंक खातों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी से संबंधित बैंक खातों के लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान ऐसे खाताधारकों की पहचान हुई, जिन्होंने आर्थिक लाभ के लिए अपने बैंक खातों का उपयोग अन्य व्यक्तियों को करने दिया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बैंक खातों के साथ एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल सिम भी दूसरे व्यक्तियों को सौंप दिए थे। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा था। इसके बदले खाताधारकों को दो हजार से 15 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता था। वहीं, बैंक खाते और उनसे संबंधित दस्तावेज एकत्र कर आगे उपलब्ध कराने वाले एजेंट 15 हजार से 20 हजार रुपये तक कमीशन प्राप्त करते थे।

पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर नेवई थाना क्षेत्र से तीन, भिलाई नगर से दो तथा पुरानी भिलाई, पाटन और छावनी थाना क्षेत्र से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महादेव साहू (48), पीलू खिलाड़ी (34), विराज कुमार पोल (21), नीरज कुमार प्रसाद (23), राबिन सिंह (34), विशु बंजारे (23), नवीन ठाकुर (23) और टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर (61) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामग्री और बैंक खातों के लेनदेन की जांच के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के हस्तांतरण तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

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