बांदा , मई 27 -- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार 15 लोगों को राहत देते हुए पुलिस ने उनके खातों में कुल 20 लाख 34 हजार 218 रुपये की धनराशि वापस कराई है।
सहायक पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम मेविश टॉक ने बुधवार को बताया कि हाल के दिनों में 15 लोग फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लीकेशन तथा अधिक लाभ का लालच देकर की गई साइबर ठगी का शिकार हुए थे। इसके अलावा कुछ मामलों में साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया, फर्जी कॉल और भ्रामक लिंक के माध्यम से परिचित, रिश्तेदार या मित्र बनकर आपातकालीन आर्थिक सहायता के नाम पर लोगों को ठगा था।
उन्होंने बताया कि मामले संज्ञान में आते ही साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग संस्थाओं, वित्तीय पोर्टलों और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रांजेक्शन की निगरानी और प्रभावी पत्राचार के माध्यम से ठगी गई रकम को होल्ड एवं फ्रीज कराया। इसके बाद सभी 15 पीड़ितों के खातों में कुल 20 लाख 34 हजार 218 रुपये की धनराशि वापस कराई गई।
ठगी की रकम वापस मिलने पर पीड़ितों ने राहत जताते हुए बांदा पुलिस की सराहना की और धन्यवाद दिया। पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आएं और अज्ञात लिंक, कॉल, मैसेज अथवा संदिग्ध ऑनलाइन निवेश से बचें। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें अथवा निकटवर्ती पुलिस थाना या साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
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