पंचकूला , अगस्त 09 -- हरियाणा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना एनआईटी की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में दो खाताधारकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी के बैंक खाते में मोबाइल फोन हैक कर ठगी किए गए 45 हजार रुपये पहुंचे थे, जबकि दूसरे आरोपी के खाते में ठगी की 22 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर हुई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने सतीश (28), निवासी रायसेन, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में मोबाइल फोन हैक कर की गई साइबर ठगी की 45 हजार रुपये की रकम पहुंची थी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गांव गोठरा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 23 मई 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया, जिसके बाद उसके बैंक खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। बैंक खाते के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने खाताधारक सतीश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि सतीश उक्त बैंक खाते का खाताधारक है और उसके खाते में ठगी की पूरी 45 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और वर्तमान में फैक्टरी में मजदूरी करता है।
दूसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने वारिश (19), निवासी मथुरा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल पिता का परिचित बनकर की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-21, फरीदाबाद निवासी एक महिला ने शिकायत दी कि उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को उसके पिता का परिचित बताया और कहा कि उसके पिता ने उसके पास 15 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है।
इसके बाद महिला के मोबाइल पर 10 हजार और 50 हजार रुपये जमा होने के संदेश भेजे गए। इन संदेशों पर विश्वास करते हुए महिला ने अपने बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस जांचे बिना कथित पिता के परिचित द्वारा बताए गए बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में बैंक खाते का बैलेंस जांचने पर महिला को पता चला कि उसके खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई थी। ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें महिला द्वारा रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद खाते के धारक वारिश को गिरफ्तार कर लिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित