कोंडागांव , अगस्त 21 -- छत्तीसगढ़ पुलिस में साइबर जागृति अभियान के तहत शुक्रवार को जिले के फरसगांव स्थित चैतू गायता शासकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

इस दौरान प्रतिभागियों ने साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।

पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश को साइबर अपराध से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 15 अगस्त से दो अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस फरसगांव अभिनव उपाध्याय के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर श्रीवास के नेतृत्व में महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस ने बताया कि लालच, डर और साइबर अपराधों के प्रति जानकारी का अभाव ऑनलाइन ठगी का शिकार बनने की प्रमुख वजहों में शामिल है। विद्यार्थियों को इनाम या लॉटरी जीतने, बिना ब्याज ऋण दिलाने, नौकरी लगाने और ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर होने वाली ठगी के बारे में बताया गया। इसके साथ ही डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन तथा म्यूल सिम और बैंक खातों के दुरुपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई।

पुलिस ने लोगों से किसी के साथ ओटीपी साझा नहीं करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और अनजान वीडियो कॉल स्वीकार नहीं करने की अपील की। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने अथवा नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई।

अभियान के तहत "साइबर जागृति की एक सेल्फी" पहल के माध्यम से महाविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थियों ने क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाले सेल्फी फ्रेम में तस्वीरें लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। प्रतिभागियों ने "मैं साइबर जागरूक हूं" और "मैं साइबर क्राइम से मुक्त हूं" का संकल्प भी लिया।

पुलिस के मुताबिक साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से फरसगांव थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी लोगों को साइबर अपराध के प्रति सचेत किया जा रहा है। अभियान में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, शासकीय कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सहभागिता ली जा रही है।

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