नयी दिल्ली , जून 22 -- दिल्ली साइबर पुलिस ने देशभर में सक्रिय एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते, फर्जी कंपनियों और बैंक सुविधाएं उपलब्ध कराता था।
पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल में छापा मारकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक सक्रिय पीओएस मशीन, डेबिट कार्ड, चेक बुक, पार्टनरशिप डीड, कॉर्पोरेट दस्तावेज, मोबाइल फोन और बैंक सुविधाओं से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद हुई है। अब पुलिस पैसों के लेन-देन की कड़ी का पता लगाने और गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद पर्वत निवासी संजय (30), पटेल नगर निवासी कुलदीप गोले (32), हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना निवासी निर्दोष बिदलान (24) और राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी दीपक बिश्नोई (20) के रूप में हुई है।
दिल्ली मध्य के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि यह गिरोह कमीशन लेकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था या फर्जी कंपनियां बनवाता था। बाद में इन खातों का इस्तेमाल निवेश ठगी, फर्जी नौकरी के झांसे और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से ठगे गए पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजने और छिपाने के लिए किया जाता था।
उपायुक्त ने बताया कि पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पहाड़गंज के कृष्णा होटल में छापा मारा। उस समय गिरोह के चार सदस्य आगे इस्तेमाल के लिए बैंकिंग व्यवस्था तैयार कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह पूरा गिरोह संगठित तरीके से काम करता था। इसमें दूसरे राज्यों के आपूर्तिकर्ता, स्थानीय समन्वयक और इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले लोग शामिल थे। जांच में पता चला कि एसजी एंटरप्राइजेज, जीएम एंटरप्राइजेज और एचएम ट्रेडर्स जैसी फर्जी कंपनियां जाली दस्तावेजों के आधार पर खोली गयी थीं, ताकि उनके नाम पर व्यावसायिक चालू खाते खोले जा सकें।
साइबर ठगी से हासिल रकम इन खातों में डाली जाती थी और फिर पीओएस मशीनों तथा मर्चेंट यूपीआई क्यूआर कोड के जरिए उसे सामान्य और वैध लेन-देन का रूप दिया जाता था।
पुलिस ने एक सक्रिय इंडसइंड बैंक पीओएस मशीन, एक मर्चेंट यूपीआई क्यूआर स्कैनर, पांच कमर्शियल करंट अकाउंट की चेक बुक और पासबुक, छह एटीएम और डेबिट कार्ड, तीन मूल पार्टनरशिप डीड, उनसे जुड़े कॉर्पोरेट दस्तावेज, रबर स्टैंप, पैन कार्ड, एक व्यावसायिक किराया समझौता और बैंकिंग रिकॉर्ड व डिजिटल बातचीत का डेटा रखने वाले चार मोबाइल फोन जब्त किये हैं।
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