वाराणसी , अगस्त 17 -- उत्तर प्रदेश में वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र से घर से निकला एक नाबालिग झारखंड के नक्सल प्रभावित सिमडेगा जिले में सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर विशेष अभियान समूह (एसओजी), सर्विलांस सेल तथा बड़ागांव थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस आयुक्त ने सोमवार को कैंप कार्यालय में परिजनों से मुलाकात किया। पुलिस के अनुसार, एक अगस्त को बड़ागांव थाना क्षेत्र से नाबालिग के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसकी शीघ्र एवं सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद एसओजी, सर्विलांस सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, तकनीकी विश्लेषण तथा मानवीय स्रोतों के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। तकनीकी जांच में नाबालिग की लोकेशन झारखंड-ओडिशा सीमा से लगे नक्सल प्रभावित सिमडेगा जिले के थाना सिमडेगा क्षेत्र में मिली। इसके बाद वाराणसी पुलिस ने स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।

पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह घर की परिस्थितियों से आहत था और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से काम की तलाश में घर से साइकिल पर निकला था। रास्ते में वह ओडिशा जा रहे एक ट्रक में बैठकर वहां पहुंच गया।

पुलिस के अनुसार, समय रहते कार्रवाई होने से नाबालिग किसी अनहोनी अथवा असामाजिक तत्वों के संपर्क में आने से बच गया। उसकी सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने पुलिस आयुक्त से मिलकर वाराणसी पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस आयुक्त ने अभियान में शामिल एसओजी, सर्विलांस सेल और बड़ागांव थाना पुलिस की टीम की सराहना करते हुए संवेदनशील मामलों में इसी प्रकार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने नाबालिग से संवाद कर उसकी समस्याओं को समझा तथा बिना बताए घर छोड़ने के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। साथ ही परिजनों को भी बच्चे के साथ बेहतर संवाद और सहयोग बनाए रखने की नसीहत दी।

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