कपूरथला , अक्टूबर 22 -- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में गुरुवार को पंजाब के विभिन्न स्कूलों के निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विज्ञान सिटी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना तथा विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की पढ़ाई को अधिक रोचक, व्यावहारिक और सुलभ बनाना था।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने साइंस सिटी परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक समझ विकसित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक ढंग से समझाने वाले प्रदर्शनों का अवलोकन किया। इस अवसर पर 'मिशन मून' बड़े पर्दे की फिल्म प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें भारत के चंद्र मिशन की चुनौतियों और उपलब्धियों को दर्शाया गया। प्रतिनिधियों ने नवनिर्मित कैप्सूल सिम्युलेटर का अनुभव भी लिया।
बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, महत्वपूर्ण सामाजिक एवं वैज्ञानिक दिवसों के आयोजन और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए साइंस सिटी की ओर से की जा रही गतिविधियों की सराहना की।
साइंस सिटी के निदेशक डॉ. राजेश ग्रोवर ने कहा कि विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए साइंस सिटी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच निकट सहयोग आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा विशेषज्ञों से ऐसे प्रमुख विषयों और क्षेत्रों की पहचान करने का आह्वान किया, जिन्हें स्कूलों के पाठ्यक्रम से जोड़कर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार किया जा सके। डॉ. ग्रोवर ने कहा कि साइंस सिटी की विज्ञान दीर्घाएं और वैज्ञानिक प्रदर्शन जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझने में मदद करते हैं तथा विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और कौशल विकसित करने के लिए साइंस सिटी वर्षभर स्कूलों के साथ मिलकर विभिन्न विज्ञान शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
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