कपूरथला , फरवरी 28 -- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत राज्य की नोडल एजेंसी पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से शनिवार को अपने वार्षिक फ्लावर शो का आयोजन किया।

इस अवसर पर ईको-क्लब के 400 से अधिक सदस्यों, मालियों और आम जनता ने प्रकृति की सुंदरता और विविधता का उत्सव मनाया। इस फ्लावर शो में ताजे फूलों की सजावट, सूखे फूलों की प्रदर्शनी, रंगोली और गमले में लगे पौधों की प्रदर्शनी सहित कई आकर्षक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने गेंदा, गुड़हल, चमेली, कमल, गुलाब और बोगनविले सहित फूलों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की।

कार्यक्रम में साइंस सिटी के निदेशक डॉ राजेश ग्रोवर ने बताया कि फ्लावर शो एक विशेष आयोजन है, जिसका उद्देश्य प्रकृति में पौधों और फूलों की अविश्वसनीय विविधता को उजागर करना है। उन्होंने बताया कि इस शो का लक्ष्य लोगों को अपने परिसरों और समुदायों में अधिक से अधिक फूल और पौधे लगाकर अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत फूलों के पौधों की विशाल संख्या का घर है, जहां 18,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो दुनिया के कुल फूलों वाले पौधों का लगभग 6-7 प्रतिशत है।

डॉ. ग्रोवर ने कहा कि फ्लावर शो केवल सुंदर फूलों के प्रदर्शन के बारे में नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण की रक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने, लोगों को प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने के लिए एक मंच प्रदान करने, जैव विविधता के मूल्य के बारे में सिखाने और संरक्षण के प्रयासों में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के बारे में भी है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि प्रकृति का मूल्य केवल इसकी दृश्य सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र को बनाये रखने, खाद्य श्रृंखलाओं का समर्थन करने और हमारी भावनाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को समृद्ध करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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