नयी दिल्ली , अप्रैल 27 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पुनर्जीवन और वैश्विक स्तर पर उनके गौरव को स्थापित करने का सतत कार्य हो रहा है।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - सोमनाथ यात्रा' आयोजित करने जा रही है। यह पावन पहल 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - 1000 वर्षों की अखंड आस्था' को समर्पित है और दिल्लीवासियों को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और हमारी आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का पावन अवसर है।
उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से लगभग 1300 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन गुजरात के सोमनाथ धाम के लिए रवाना होगी। वह स्वयं इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगी। ट्रेन अगले दिन सुबह सोमनाथ पहुंचेगी। 1, 2 और 3 मई को श्रद्धालुजन भगवान शिव के पावन ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे और आसपास स्थित अन्य प्रमुख मंदिरों के भी दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। पूरी यात्रा निशुल्क होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था गुजरात सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए उन्होंने गुजरात सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ धाम भगवान शिव की अनंत कृपा, सनातन आस्था और भारत की अमर सांस्कृतिक चेतना का दिव्य प्रतीक है। यह स्थान हमें हमारी उस विरासत की याद दिलाता है, जिसने हर कठिन दौर में भी अपने अस्तित्व और आस्था को अक्षुण्ण बनाए रखा। यह यात्रा उसी अटूट विश्वास और राष्ट्रीय स्वाभिमान का उत्सव है। दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें कितनी गहरी और सशक्त हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को भी नई ऊर्जा देते हैं। यह यात्रा 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को और मजबूत करेगी और युवाओं को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पुनर्जीवन और वैश्विक स्तर पर उनके गौरव को स्थापित करने का सतत कार्य हो रहा है। सोमनाथ धाम भी उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जहां आस्था और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
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