लखनऊ , मई 15 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत केवल आर्थिक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों के कारण भी विश्व में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मन, शरीर और आत्मा का संतुलन ही जीवन का मूल आधार है तथा भारत की यही सोच पूरी दुनिया को दिशा देने का सामर्थ्य रखती है। फिक्की फ्लो लखनऊ द्वारा होटल ताज महल में आयोजित "भारत का मन, तन और आत्मा" विषयक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए श्री त्रिवेदी ने कहा कि आज भारत स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सचेत जीवनशैली के प्रति अधिक जागरूक हो रहा है, जिससे एक भावनात्मक रूप से सशक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध समाज का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा, "चेतना का जुड़ाव मन से होता है, मस्तिष्क तो केवल एक रिसीवर है। हम चेतना के द्वार तक पहुंच रहे हैं।"उन्होंने कहा कि भारत महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान देने वाली संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय परंपरा में महिलाओं को ऊर्जा का स्रोत माना गया है और इसकी झलक नवरात्रि जैसे पर्वों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि मन, शरीर और आत्मा की अवधारणा वेदांत से उत्पन्न हुई है तथा आत्मा और ब्रह्म की पूर्ण एकरूपता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पूरी तरह समझाने में सक्षम नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को समाज में उचित सम्मान और स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारत आज विश्व में अग्रणी स्थान पर पहुंच चुका है।
इस अवसर पर अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक सोमानी ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली के दौर में नियमित स्वास्थ्य जांच और मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
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