सांगली , अगस्त 01 -- महाराष्ट्र में सांगली की ज़िला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे.ए. मोहंती ने आज एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के दोषी व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनायी।

इस दोषी व्यक्ति ने फरवरी 2025 में ज़िले की जट तहसील के कराजगी गांव में साढ़े चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी और शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था।

एक प्रेस विज्ञप्ति में सरकारी वकील प्रमोद भोकरे ने बताया कि कराजगी निवासी दोषी पांडुरंग सोमन्ना कल्ली (25) ने उस दिन सुबह करीब 10 बजे साढ़े चार साल की बच्ची और उसकी आठ साल की चचेरी बहन के साथ खेलते हुए, दोनों को अपने घर के सामने एक पेड़ के नीचे बादाम खिलाने के बहाने बुलाया। बच्ची की चचेरी बहन को उसकी माँ ने स्कूल जाने के लिए बुला लिया, इसलिए वह अपने घर चली गई। घर के सामने चार साल की बच्ची को अकेला देखकर दोषी पांडुरंग उसे अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को एक बोरी में भरकर घर में रखे लोहे के बक्से में छिपा दिया।

मृतक बच्ची अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। उसके माता-पिता काम के सिलसिले में रत्नागिरी में थे।

अदालत में कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायाधीश श्रीमती मोहंती ने मृतक बच्ची की चचेरी बहन और एक ऐसे गवाह के बयानों को स्वीकार किया जिसने बच्ची को दोषी के साथ देखा था, और उसे मौत की सज़ा सुनाई।

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