सहारनपुर , मई 27 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री एवं आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहर लाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जिला कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान एक गोष्ठी भी हुई, जिसमें वक्ताओं ने पंडित नेहरू के स्वतंत्रता आंदोलन और आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान को याद किया। जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू को आधुनिक भारत का आर्किटेक्ट कहा जाता है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखकर देश के विकास का व्यापक खाका तैयार किया, जो आज भी प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि पंचवर्षीय योजनाओं और योजना आयोग के गठन के माध्यम से नेहरू ने देश के चहुंमुखी विकास की नींव रखी। साथ ही गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना कर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। राणा ने कहा कि नेहरू की वैश्विक स्वीकार्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जापान, सोवियत संघ और अमेरिका जैसे देशों की यात्राओं के दौरान लाखों लोग उन्हें देखने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ते थे।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा और जिला उपाध्यक्ष सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने भी पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की। वरुण शर्मा ने कहा कि पंडित नेहरू ने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की और एक दशक से अधिक समय जेल में बिताया।

उन्होंने कहा कि नेहरू परिवार के कई सदस्य, जिनमें मोतीलाल नेहरू, कमला नेहरू और इंदिरा गांधी शामिल हैं, स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गए। सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने कहा कि नेहरू परिवार ने देश की आजादी के लिए अपना पैतृक निवास आनंद भवन तक राष्ट्र को समर्पित कर दिया, जो राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार उन संस्थानों और संसाधनों को बेच रही है, जिन्हें नेहरू ने विकसित किया था।

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