सहारनपुर , अगस्त 21 -- विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध और नाराजगी का सामना करना पड़ा। बैठक के दौरान संगठन में उपेक्षा और सभी वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के आरोपों को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी और देवबंद से पिछले विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे कार्तिकेय राणा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष संगठन से जुड़ी समस्याएं रखीं। श्रीमती चौधरी ने आरोप लगाया कि पार्टी संगठन में सभी वर्गों, विशेषकर पिछड़े और दलित समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व और महत्व नहीं मिल रहा है।
प्रदेश सचिव विजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे समय में सभी वर्गों तथा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। बैठक में कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती नाराजगी को देखते हुए पूर्व सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी और विधायक आशु मलिक ने हस्तक्षेप कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सलीम अख्तर ने भी पार्टी नेताओं पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश अध्यक्ष से पार्टी के विधान परिषद सदस्य शाहनवाज खान की सक्रियता को लेकर सवाल किया गया। पत्रकारों ने पूछा कि शाहनवाज खान सपा के कार्यक्रमों से दूर रहते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के साथ कांग्रेस के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।
इस पर श्यामलाल पाल ने कहा कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने शाहनवाज खान को लेकर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की। प्रदेश अध्यक्ष ने जनपद की आरक्षित रामपुर मनिहारान विधानसभा सीट की पार्टी तैयारियों की समीक्षा की। रामनगर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हुई बैठक में उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी आरक्षित सीटों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नजर है। उनके निर्देश पर वह रामपुर मनिहारान सुरक्षित सीट की जमीनी स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे हैं। श्यामलाल पाल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी संविधान को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और केंद्र की सरकारें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की अनदेखी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव घोषणा कर चुके हैं कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष 40-40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
बैठक में सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद, पार्षद टिंकू अरोड़ा, वरिष्ठ नेता विनोद तेजयान एडवोकेट, विधायक आशु मलिक, पूर्व सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी और जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी के एक पदाधिकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष ने छह सितंबर को सहारनपुर में प्रस्तावित राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रैली की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली। बताया गया कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव रूद्रसेन चौधरी के आमंत्रण पर अखिलेश यादव छह सितंबर को सहारनपुर में रैली को संबोधित करेंगे।
पार्टी में असंतोष और गुटबाजी से जुड़े सवाल पर श्यामलाल पाल ने कहा कि यह राजनीति का हिस्सा है और पार्टी नेतृत्व संगठन की कमियों एवं खामियों को दूर करने का प्रयास करेगा।
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