सहारनपुर , मई 19 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मई महीने की भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के साथ ही सूरज ने तीखे तेवर दिखाए और दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लू के थपेड़ों और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं से लोग बेहाल दिखाई दिए। भीषण गर्मी के बीच सहारनपुर के सामाजिक संगठनों और सेवाभावी लोगों ने राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए जगह-जगह ठंडे और मीठे पानी की छबीलें लगाई हैं। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर सुबह से ही सेवा कार्य शुरू हो गया। घंटाघर, कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, अंबाला रोड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्वयंसेवक राहगीरों, रिक्शा चालकों, ठेला खींचने वालों और यात्रियों को रोक-रोककर ठंडा पानी और रूहअफ्जा का शर्बत पिला रहे हैं।
राहगीरों का कहना है कि भीषण गर्मी में ये छबीलें किसी वरदान से कम नहीं हैं। एक राहगीर रमेश छबीला ने कहा कि जब तेज धूप में गला सूख जाता है, तब ठंडा मीठा पानी राहत देता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है।
सहारनपुर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और सेवा भावना के लिए जाना जाता है। इस गर्मी में भी युवा, बुजुर्ग और बच्चे बढ़-चढ़कर सेवा कार्य में भाग ले रहे हैं। लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए शर्बत में बर्फ, पुदीना और नींबू का विशेष उपयोग किया जा रहा है, जिससे शरीर को तुरंत ठंडक मिल रही है।
बाइक सवारों से लेकर पैदल चलने वाले राहगीर तक छबीलों पर रुककर प्यास बुझा रहे हैं और सेवादारों को दुआएं दे रहे हैं।
इधर स्थानीय चिकित्सकों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। डॉक्टरों ने ओआरएस और मीठे पानी के सेवन को भी लाभदायक बताया है।
सहारनपुर की तपती सड़कों पर लगी ये छबीलें न केवल लोगों की प्यास बुझा रही हैं, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और सेवा भावना का भी संदेश दे रही हैं।
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