सहारनपुर , अगस्त 31 -- पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सहारनपुर शाखा में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक की करेंसी चेस्ट में 500 रुपये के एक लाख 48 हजार नकली नोट मिलने के बाद अब तक की गणना में सात करोड़ 40 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। नोटों की गिनती अभी जारी है और गबन की रकम बढ़ने की आशंका है।

बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे के अनुसार, बदलने योग्य कटी-फटी और पुरानी मुद्रा के नोट जयपुर भेजे गए थे, जहां जांच के दौरान बड़ी संख्या में नकली नोट पाए गए। इसके बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दिल्ली मुख्यालय से भेजी गई ऑडिट टीम करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की गिनती कर रही है, जिसके बाद गबन की कुल रकम का वास्तविक आकलन हो सकेगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने सोमवार दोपहर बैंक का निरीक्षण किया और नोडल अधिकारी से पूरे मामले की जानकारी ली। अरुण कुमार चौबे ने इस मामले में सदर बाजार थाने में मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा, हरियाणा के जगाधरी स्थित खेड़ा बाजार करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार और हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।

डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि घोटाले की वास्तविक रकम नोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जिलाधिकारी ने बैंक के नोडल अधिकारी नवनीत शर्मा को भी जांच प्रक्रिया से जोड़ा है।

डीआईजी ने बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति गबन में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि जांच के बाद पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इतनी बड़ी संख्या में 500 रुपये के कथित नकली नोट कितने समय के दौरान पीएनबी की किन-किन शाखाओं में और किन लोगों द्वारा जमा कराए गए।

बैंक के नोडल अधिकारी नवनीत शर्मा ने बताया कि करीब 10-12 दिन पहले मामले की जानकारी सामने आने के बाद बैंक अधिकारी चौंक गए थे। इसके बाद बैंक के आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। ऑडिट टीम की जांच और नोटों की गणना पूरी होने के बाद गबन की वास्तविक रकम तथा इससे जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित