पटना , अक्टूबर 31 -- बिहार के सहरसा जिले में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोप विभागीय जांच में प्रमाणित नहीं हुए हैं।

ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से कराई गई स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी जांच में सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और संतोषजनक पाया गया है।

विभाग के अनुसार, मामला सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत खजुरी गोठ से बंचोलहा गोठ तक आरआरएसएमपी (जनरल) योजना के तहत निर्मित 850 मीटर लंबी सड़क से संबंधित है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एसडीबीसी (सेमी डेंस बिटुमिनस कंक्रीट) निर्माण के दौरान बिछाई गई खुली सामग्री दिखाई गई थी, जिसका रोड रोलर से संपीड़न किया जाना बाकी था। इस प्रकार वीडियो में निर्माण कार्य की प्रक्रियाधीन अवस्था दिखाई गई थी, न कि सड़क की का कार्य समय होने का विवरण था।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, सहरसा से स्थल निरीक्षण कराकर सड़क की तकनीकी जांच कराई। जांच के दौरान सड़क के दो अलग-अलग स्थानों पर इसकी चौड़ाई 3.750 मीटर तथा एसडीबीसी की मोटाई 25 मिलीमीटर निर्धारित मानक के अनुरूप पाई गई। वहीं, निर्माण सामग्री के प्रयोगशाला परीक्षण में बिटुमेन की मात्रा क्रमशः 4.6 और 4.5 प्रतिशत मिली, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

जांच में यह भी पाया गया कि सड़क निर्माण में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार बिटुमिनस मिश्रण में सात प्रतिशत अपशिष्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है। इससे प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के साथ पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक को भी बढ़ावा मिलता है।

विभाग के अनुसार, उक्त सड़क के एसडीबीसी निर्माण की गुणवत्ता की जांच पहले भी विभाग की जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, सहरसा द्वारा की गई थी। इसके बाद विभागीय निर्देश पर दोबारा स्थल निरीक्षण और निर्माण सामग्री के नमूनों का परीक्षण कराया गया। दोनों स्तरों पर जांच में निर्माण कार्य संतोषजनक पाया गया। विभागीय जांच प्रतिवेदन में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और किसी प्रकार की वित्तीय क्षति भी सामने नहीं आई है।

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