पटना , जून 16 -- हरी और ग्रामीण क्षेत्र में जनता की समस्या समाधान के लिए लगाए जा रहे सहयोग शिविर में 16 जून तक 309919 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 269240 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। ग्राम पंचायत और शहरी निकायों में लगाए जा रहे इस सहयोग शिविर में सरकार के सख्त निर्देश और विभागों की सक्रियता का ही परिणाम है कि अभी तक प्राप्त होने वाले आवेदनों में निष्पादन दर 91.1 फीसदी तक पहुंच चुका है।

नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद सम्राट चौधरी ने बिहार में ऐतिहासिक पहल की। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली जनता की समस्या समाधान करने की दिशा में महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर पर 19 मई को की गई थी।

सहयोग शिविर में लोगों को अपनी समस्या संबंधी आवेदन करने की सुविधा 30 दिन पहले से दी गई है। इसके लिए सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया गया है। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों की समीक्षा की जिम्मेदारी विभागीय पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव को दी गई है। 19 मई को सारण के डुमरी बुजुर्ग एवं दो जून को शेखपुरा के सामस बुजुर्ग एवं मुजफ्फरपुर के परसौनीनाथ के शिविर में खुद मुख्यमंत्री ने आवेदनों की समीक्षा की थी।

सरकार की ओर से दी गई सुविधा के अनुसार लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जिला पदाधिकारी के स्तर पर निर्धारित कार्यालय में मैनुअल के साथ-साथ सहयोग पोर्टल पर ऑनलाइन भी कर सकते हैं। जनता की समस्या समाधान की दिशा में लगने वाले सहयोग शिविर को लेकर सभी विभागों में सहयोग सेल का गठन किया गया है। इस सहयोग सेल में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सरकार ने इन्हें जिम्मेदारी दी है कि पोर्टल पर उपलब्ध आवेदनों की सतत निगरानी करेंगे और इससे सक्षम प्राधिकार को भी अवगत कराएंगे।

सरकार के निर्देशों के अनुसार शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निस्तारण 30 दिन के भीतर करना है। इस दिशा में जन शिकायतों के सतत अनुश्रवण की व्यवस्था लागू है। इसके तहत वास्तविक समय निगरानी प्रणाली (रियल टाइम मॉनीटरिंग सिस्टम) का सहयोग पोर्टल से जुड़ाव किया गया है। इससे सहयोग पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का प्रभावी समाधान के उद्देश्य से उसका वर्गीकरण, निवारण, निवारण में विलंब आदि के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। इस विश्लेषण में जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी के निर्देशों के अनुसार, जनता की समस्या समाधान की दिशा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत लापरवाह पदाधिकारी को 10 दिन पर पहला, 20 दिन पर दूसरा और 25 दिन पर तीसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। 30 दिन के भीतर समस्या का समाधान किसी ठोस वजह के बगैर नहीं किए जाने पर संबंधित पदाधिकारी या कर्मचारी खुद-ब-खुद निलंबित हो जाएगा।

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