पटना , अगस्त 16 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वालीराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित कर रही है।
मई मध्य से शुरू हुए इस कार्यक्रम में अब तक तीन महीनों के दौरान राज्य की 6 हजार 533 पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन हो चुका है, जिसमें कुल 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें 96 फीसदी मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। अब तक सिर्फ 4 फीसदी मामले ही लंबित हैं। शेष मामलों का निपटारा हो चुका है। आने वाले दो-तीन सहयोग शिविरों में राज्य की सभी 8 हजार 32 पंचायतों में इसका आयोजन कर लिया जाएगा। सभी जिलों के तमाम 534 प्रखंडों में यह शिविर आयोजित हो चुकी है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार के आदेश पर बिहार की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। लोगों की तमाम समस्याओं का समाधान इन शिविरों में हो रहा है। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निपटारा करने की अवधि 30 दिन निर्धारित की गई है। ताकि लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय से की जा रही है। तीन माह के अंदर राज्य के 38 जिलों के विभिन्न पंचायतों में आयोजित किये गए सहयोग शिविरों में कुल 646181 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें संबंधित विभागों द्वारा 620030 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है। शेष पंचायतों में तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किये जाएंगे। आवेदनों के निष्पादन करने वाले टॉप-10 जिलों में शेखपुरा, सहरसा, शिवहर, खगड़िया, भोजपुर, जमुई, गोपालगंज, अरवल, पश्चिम चम्पारण और बांका शामिल है। वहीं जिन जिलों में अधिक मामले लंबित हैं उन जिलों में गयाजी, रोहतास, पूर्वी चम्पारण, भागलपुर, कटिहार, बक्सर, पटना, मधुबनी, दरभंगा और पूर्णिया शामिल है।
बिहारवासियों की समस्याओं का त्वरित गति से निष्पादन करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 मई 2026 को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से सहयेाग शिविर की शुरूआत की थी। यह शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में आयोजित किये जा रहे हैं। वहीं दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमें खुद मुख्यमंत्री लोगों की समस्याओं को सुनते है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर राज्य के सभी पंचायतों में लगातार सहयोग शिविर आयोजित किये जाएंगे। बताया जाता है कि सभी पंचायतों में शिविर लगने के बाद इसे बंद नहीं किया जाएगा। लोगों की समस्याओं का शीघ्र निपटारा कराने के लिए यह शिविर लगातार आयोजित किये जाएंगे।
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