देहरादून , जून 15 -- उत्तराखंड सहकारी बैंक में भर्ती के नाम पर करोड़ों रुपए की रिश्वत लिए जाने के मामले में जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत पर भ्रष्ट्राचार के आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से मांग की।

इस मांग को पूरा कराने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने विकासनगर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अनुपस्थिति में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं गढवाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि वर्ष 2022 में सहकारिता मंत्री रावत की सरपरस्ती में सहकारी बैंक भर्ती घोटाला हुआ। जिसमें तत्कालीन सचिव डॉ. वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने उक्त भर्ती में भारी अनियमितता का उल्लेख किया था एवं भर्ती निरस्त करने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि उक्त भर्ती में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तौर पर करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ, जिसकी पुष्टि बैंक खातों से की जा सकती है। नौकरी पाये लोगों के खातों की बैंक डिटेल से 10 से 15 लाख रुपए अभ्यर्थियों द्वारा अपने खातों से लेनदेन किया गया था। उन्होंने कहा कि मोर्चा लगातार भर्ती घोटाले में हुए लेनदेन की जांच की मांग कर रहा है लेकिन मंत्री का हाथ होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया कि मंत्री की सरपरस्ती और मिलीभगत से ही ये सारा फर्जीवाड़ा हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित