नयी दिल्ली , मार्च 24 -- सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने मंगलवार को लोक सभा में कहा कि सरकार सहकार से समृद्धि अभियान में तेजी से लगी हुई है और सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए पांच लाख करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं।
श्री पाल ने प्रश्न काल में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये से 56 चीनी मिलों को दुरुस्त करवाया है। सहकारी चीनी मिलों को सुदृढ़ करने के लिए प्रस्ताव आने पर सरकार उन्हें दुरुस्त करने की मंजूरी देती है।
उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को सशक्त करने के लिए अनेक कदम उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं काे पैक्स बनाने के लिए आगे आना चाहिए।
श्री पाल ने बताया कि सरकारी संस्थायें स्वायत्त होती हैं, वह निर्णय स्वयं लेती हैं। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों की 'रिकवरी' जलवायु पर निर्भर करती हैं। देश के उत्तरी क्षेत्र की चीनी मिलों की रिकवरी दो प्रतिशत कम होती है।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि पशु नस्ल सुधार अभियान के तहत बड़ी संख्या में मैत्री नियुक्त किये गये हैं और उन्होंने प्रशिक्षित करके किसानों के द्वार तक पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए भेजा जा रहा है। उन्हें किट प्रदान की गयी है जिससे वे सूचना मिलते ही किसान के द्वार पर जाकर उनके पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करवा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश के 604 जिलों का सर्वे करवा कर 123 जिलों में कृत्रिम गर्भाधान का 50 प्रतिशत कार्य कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन के लिए निरंतर किये गये प्रयासों से दूध उत्पादन में 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं की उन्नत नस्लें किसानों के पास हों, इसके लिए कृत्रिम गर्भाधान अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
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