जालौन , जुलाई 2 -- उत्तर प्रदेश के जालौन में गुरुवार को सहकारिता सप्ताह के उपलक्ष्य में "धरती माता बचाओ अभियान" एवं उर्वरक निगरानी समिति के तत्वावधान में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह एवं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने संयुक्त रूप से किया।जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में नैनो उर्वरकों का अधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इफको नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के लाभ, उपयोग एवं वैज्ञानिक प्रयोग विधि की जानकारी दी। बताया गया कि इन उर्वरकों से पौधों की वृद्धि, पोषक तत्वों का अवशोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। साथ ही बीज उपचार, जड़ उपचार और पर्णीय छिड़काव की सही तकनीकों पर भी किसानों को प्रशिक्षित किया गया।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि सहकारिता विभाग किसानों तक गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
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