नयी दिल्ली , जुलाई 06 -- दिल्ली के सहकारिता मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने सोमवार को कहा कि सहकारिता देश की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन का मूल आधार है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
श्री सिंह ने सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यहां 'सहकारिता सप्ताह-2026' के समापन समारोह में कहा कि सहकारिता भारत की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन का मूल आधार है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्थापित सहकारिता मंत्रालय तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नयी दिशा और गति मिली है। आज सहकारी संस्थाएं कृषि, डेयरी, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, विपणन तथा अन्य क्षेत्रों में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी सहकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली की आवश्यकताओं के अनुरूप नयी सहकारिता नीति तैयार की जा रही है। साथ ही बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग, परिवहन, जनसेवा, कॉमन सर्विस सेंटर तथा अन्य सेवाओं को सहकारिता से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरसीएस कार्यालय के डिजिटलीकरण से सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, सरल एवं ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए कहा कि मंत्रालय के विभिन्न प्रयासों से सहकारिता आंदोलन को नयी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मछुआरों, छोटे व्यापारियों तथा समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहकारिता की भूमिका निरंतर बढ़ रही है।
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