जयपुर , जुलाई 06 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र के साथ सहकारिता देश के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण भारत के आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बन गयी है और सहकारिता आंदोलन राजस्थान के हर गांव-ढाणी तक पहुंच गया हैं।

श्री शर्मा सोमवार को सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में देश में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सहकारिता आंदोलन राजस्थान के हर गांव-ढाणी तक पहुंच गया है। राज्य में लगभग 42 हजार से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे एक करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। वहीं सहकार सदस्यता अभियान के तहत आठ लाख 90 हजार नवीन सदस्य सहकारी समितियों में जोड़े गये हैं। साथ ही, सभी ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का डेयरी सहकारिता मॉडल लाखों पशुपालक परिवारों के लिए आर्थिक संबल का आधार बन चुका है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से प्रदेश में घाटे में चल रहे डेयरी संघ मुनाफे में आ गये हैं। वहीं 10 हजार करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर भी हासिल किया गया है। आरसीडीएफ और जिला दुग्ध संघों के कुल लाभ और टर्नओवर पिछले 47 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक है।

उन्होंने कहा कि सहकारिता से महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता दोनों लक्ष्यों को साधा जा रहा है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन तथा जिला दुग्ध संघों से नौ लाख 40 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े हुए हैं, जिनमें चार लाख 20 हजार से अधिक महिलाएं हैं। प्रदेश में हजारों नए दुग्ध संग्रह केन्द्र प्रारम्भ किये गये, नयी दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन हुआ और हजारों नए पशुपालक इस आंदोलन से जुड़े हैं। इससे दूध उत्पादन, किसानों की आय बढ़ने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी मजबूती मिली है। प्रदेश का दुग्ध संकलन 38 लाख लीटर से बढ़कर 45 लाख लीटर तक पहुंच गया है। दुग्ध सहकारिता से जुड़े नये सदस्यों की संख्या में 70 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सहकारिता को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए पैक्स कम्प्यूटरीकरण अभियान को भी नयी गति दी है। प्रथम चरण में पांच हजार 646 पैक्स को ई-पैक्स बनाया जा चुका है। इनके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं, जो पूरे देश के कुल ट्रांजेक्शन का लगभग एक तिहाई है और देश में सबसे ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग 4 हजार 875 पैक्स तीन या उससे अधिक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इनके माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन और जन औषधि केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में सहकारी समिति गठन की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत राजस्थान में अब तक पांच हजार 279 नयी बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इनमें एक हजार 977 एम-पैक्स का गठन कर प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता दिलाने में भी राजस्थान देश में पहले स्थान पर है।

इस अवसर पर राजस्थान को कई सौगातें दी गयीं, जिसमें 10 नये अन्न भंडारण गोदामों का शिलान्यास, 50 गोदामों का लोकार्पण, 100 गोदामों का राज्य भंडारण निगम को हस्तांतरण, 'सहकार वन' का हुआ ई-भूमि पूजन (जयपुर के सुमेल गांव में बनेगा सहकार वन) 64 एकड़ जमीन पर यह विकसित होगा। खेजड़ी, रोहिड़ा, नीम वृक्ष जैसे लगाये जाएंगे।

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