बैतूल , अक्टूबर 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत ससाबड़ में विकास कार्यों के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सरपंच सुभाष घिडोडे और सचिव मनोज गढ़ेकर पर फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों रुपये की शासकीय राशि निकालने के आरोप लगाए गए हैं। उप सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 से 2026 के बीच ससाबड़, अंधारिया और अंबाड़ा पंचायतों में कथित रूप से फर्जी बिल लगाकर राशि निकाली गई। सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए दो लाख रुपये निकालने के बावजूद काम नहीं होने का आरोप है। वहीं, बल्लाचाल से ससाबड़ तक पाइपलाइन विस्तार के लिए स्वीकृत 14.19 लाख रुपये में से करीब पांच लाख रुपये का ही काम होने और शेष राशि के दुरुपयोग का दावा किया गया है।
शिकायत में ससाबड़ में कवर्ड पुलिया का निर्माण अधूरा छोड़ने के बावजूद पांच लाख रुपये की राशि निकालने और सीसी सड़क के घटिया निर्माण के संबंध में 2.17 लाख रुपये के कथित फर्जी बिल स्वीकृत कराने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा, पंचायत दर्पण पोर्टल पर स्थानीय निवासी धर्मेंद्र नरवरे को दूसरे गांव का निवासी दर्शाकर उनके नाम से बिलों के जरिए राशि निकालने की बात कही गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सोसायटी से पंचायत तक सीसी सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत 8.56 लाख रुपये में से केवल 30 मीटर सड़क बनाई गई। वहीं, बल्लाचाल से नांदपुर सुदूर मार्ग के लिए स्वीकृत 14.98 लाख रुपये के काम में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से सभी कार्यों और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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