रायपुर , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित एवं सुरक्षित बचपन विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार महिलाओं तथा बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है।
राजवाड़े ने 'सेवा संकल्प अभियान' के संदर्भ में अपने आलेख में आज कहा कि विकास का अर्थ केवल नई सुविधाओं और अधोसंरचना का विस्तार नहीं है। विकास तभी सार्थक है, जब महिलाएं अपने भविष्य से जुड़े निर्णय आत्मविश्वास से ले सकें, माताओं को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए आवश्यक सहयोग मिले तथा प्रत्येक बच्चे को पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व में भी अपनी पहचान बना रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और पारिवारिक खर्च से जुड़े निर्णय लेने में संबल मिला है। कई महिलाओं ने इस राशि से बचत शुरू की है, जबकि कुछ ने इसे छोटे आजीविका प्रयासों का आधार बनाया है।
राजवाड़े ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, कौशल और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। सरकार का प्रयास आर्थिक सहायता के साथ महिलाओं के लिए आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से सात अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 'आंगन मिलन' के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इस दौरान बच्चों के भोजन, स्वच्छता और पोषण पर संवाद किया जाएगा। परिवारों को बच्चों के आहार में विविधता और स्वच्छता की अच्छी आदतों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
राजवाड़े ने कहा कि पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बच्चों को उम्र के अनुरूप पर्याप्त और विविध आहार उपलब्ध कराने, उनकी वृद्धि पर ध्यान देने और परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। 'बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी' का संदेश इसी सोच को घर-घर पहुंचाने का प्रयास है।
उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे निपटने के लिए कानून के साथ परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनवाड़ी और समुदाय की सजग भागीदारी जरूरी है। बच्चों की बात सुनना, उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित बचपन के लिए आवश्यक है।
राजवाड़े ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का वास्तविक उद्देश्य लोगों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों को समझना है। किसी मां तक पोषण संबंधी सही जानकारी पहुंचना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना ही अभियान की सार्थक उपलब्धि होगी।
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