सल्ट अल्मोड़ा , फरवरी 24 -- उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के डभरा सौराल गांव में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना गुलदार (तेंदुआ) आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है।

गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लगातार उसकी मौजूदगी से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था।

ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ समय से गुलदार गांव के आसपास मंडरा रहा था और कई बार आबादी के नजदीक दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि उसने कुछ बकरियों को भी अपना शिकार बनाया, जिससे पशुपालकों में खासा डर व्याप्त था, बच्चों और महिलाओं को घर से बाहर भेजने में भी परिजन असहज महसूस कर रहे थे।

मामले की जानकारी देते हुए रेंज अधिकारी गंगा शरण ने बताया कि विभाग को लगातार ग्रामीणों से शिकायतें मिल रही थीं कि गुलदार बकरियों को निवाला बना रहा है और आबादी क्षेत्र में सक्रिय है। सुरक्षा के मद्देनजर उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद संवेदनशील स्थान पर पिंजरा लगाया गया था।

उन्होंने बताया कि आज सुबह पिंजरे में एक लगभग दो वर्षीय नर गुलदार फंस गया। प्राथमिक जांच में वह स्वस्थ पाया गया है, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और भीड़ को पिंजरे से दूर रहने की हिदायत दी।

रेंज अधिकारी ने कहा कि पकड़े गए गुलदार को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेजा जा रहा है, जहां उसकी स्वास्थ्य जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गुलदार के पकड़े जाने से डभरा सौराल गांव में अब स्थिति सामान्य हो रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वन्यजीवों की गतिविधियों पर इसी तरह नजर रखी जाएगी, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।

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