लखनऊ , जनवरी 15 -- समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब देश के शीर्ष बोर्डिंग स्कूलों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां अपनाई जाएंगी। इस दिशा में समाज कल्याण विभाग और बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएसएआई) के बीच जल्द ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा।
इस सिलसिले में गुरुवार को देहरादून स्थित द दून स्कूल में बीएसएआई से जुड़े देश के प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों के प्राचार्यों के साथ एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्डिंग स्कूलों में लागू प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन, छात्र कल्याण, हॉस्टल प्रबंधन, पाठ्येतर गतिविधियों और छात्रों के समग्र विकास से संबंधित सफल मॉडलों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण भी शामिल रहे।
श्री अरुण ने कहा कि यह पहल "साझेदारी से गुणवत्ता और सहयोग से सुधार" के सिद्धांत पर आधारित है। उनका कहना था कि सर्वोदय विद्यालयों तक देश के सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों के अनुभव पहुंचाने से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी अधिक सुदृढ़ होंगी।
उन्होंने बताया कि सर्वोदय विद्यालयों में बोर्डिंग सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्राचार्यों और शिक्षकों की एक टीम बीएसएआई से जुड़े प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण करेगी। टीम वहां की टीचिंग मेथड, स्टूडेंट केयर सिस्टम, हॉस्टल मैनेजमेंट और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाएगी, जिसे प्रदेश के सभी 125 सर्वोदय विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग प्रदेशभर में अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग सहित अन्य वर्गों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से 125 सर्वोदय विद्यालय संचालित कर रहा है। सरकार द्वारा विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और योग्य शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की तैनाती के जरिए शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है।
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