मोतिहारी , मई 30 -- र्वोच्च न्यायालय ने फलोदी सड़क दुर्घटना मामले में राष्ट्रीय उच्च पथ सुरक्षा वाद के तहत जारी निर्देशों के अनुपालन में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर ले-बाय सुविधा के निर्माण, अवैध पार्किंग, सड़क सुरक्षा क्षेत्र (हाईवे सेफ्टी जोन) में अतिक्रमण तथा अनाधिकृत व्यावसायिक संरचनाओं को हटाने सहित कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने एनएचएआई, जिला परिवहन विभाग, अनुमंडल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हाईवे सेफ्टी जोन का निर्धारण कर उसके भीतर आने वाले सभी स्थायी और अस्थायी अवरोधों को शीघ्र हटाया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित अवैध पार्किंग स्थलों और अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए।

इस दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर ने जानकारी दी कि सड़क किनारे अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का सर्वेक्षण किया जा रहा है तथा सोमवार तक सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली जाएगी।

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