सागर , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड शासकीय मेडिकल कॉलेज में कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत सागर, दमोह और पन्ना जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का तीन दिवसीय वीआईए (विजुअल इंस्पेक्शन विद एसेटिक एसिड) प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग की क्षमता विकसित करना था।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया, डॉ. रिया और डॉ. पूजा सिंह ने प्रतिभागियों को वीआईए स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन तथा हैंड्स-ऑन प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट और कौशल मूल्यांकन भी किया गया।

प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप गौतम ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे, जिससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान और रोकथाम को सुदृढ़ बनाने के साथ ही महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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