बैतूल , सितंबर 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सर्पदंश से गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय युवक की आठ दिन उपचार के बाद मौत हो गई। बोड़ी गांव निवासी रामदास कासदे को जहरीले सांप ने कान पर डस लिया था। जिला अस्पताल के आईसीयू में आठ दिन उपचार के बाद सोमवार को परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर ले जा रहे थे, तभी सपना डैम के पास रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार करीब आठ दिन पहले सोमवार रात रामदास घर में सो रहा था। इसी दौरान सांप ने उसके कान पर डस लिया। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल बैतूल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान वह लगातार बेहोश रहा और वेंटिलेटर पर रखा गया।
आईसीयू प्रभारी एवं मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रोहित पराते ने बताया कि उपचार के बाद शरीर में सांप के जहर का असर खत्म हो गया था, लेकिन सांस लेने में लगातार परेशानी बनी रही। इसके कारण दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच सकी और उसे गंभीर क्षति हुई। उपचार के बावजूद युवक को होश नहीं आया। चिकित्सकों ने परिजनों को उसे उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे परिजन रामदास को नागपुर ले जा रहे थे। सपना डैम के पास अचानक उसकी हालत बिगड़ी और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
रामदास मजदूरी करता था और चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है। सांप विशेषज्ञ आदिल खान के अनुसार बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में करैत जैसे जहरीले सांपों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। करैत रात में अधिक सक्रिय रहता है और गर्मी की तलाश में बिस्तर तक पहुंच सकता है। उन्होंने ग्रामीणों को रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
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