अलवर , सितम्बर 30 -- राजस्थान में मानसून मौसम के दौरान तीन महीने बंद रहने के बाद अलवर जिले में सरिस्का बाघ अभयारण्य एक अक्टूबर से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुल जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले दिन 600 से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। सरिस्का के मुख्य द्वार पर पर्यटकों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा और इसके बाद उन्हें सफारी के लिए जंगल में प्रवेश दिया जाएगा।

बारिश के कारण एक जुलाई से बंद रही सफारी के दौरान पर्यटकों की आवाजाही करीब थम गयी थी, लेकिन अब नये पर्यटन सीजन के साथ एक बार फिर जंगल में बाघों के दीदार करने का रोमांच लौटेगा। बारिश से खराब हुए सफारी रास्तों को भी दुरुस्त कर दिया गया है और अलग-अलग मार्गों पर सफारी शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरिस्का में अब 56 बाघों का कुनबा, जिनमें 11 नर, 18 मादा और 27 शावक बताये गये हैं। ऐसे में नये पर्यटन सीजन में पर्यटकों को बाघों के दिखने की उम्मीद है। सफारी के लिए सरिस्का में कुल 35 कैंटर और जिप्सी उपलब्ध हैं। एक जिप्सी में अधिकतम छह पर्यटक सफारी कर सकते हैं, जबकि कैंटर में करीब 20 पर्यटक जा सकेंगे। पैंतीस सफारी वाहनों में से 28 की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था है। अक्टूबर की शुरुआत के लिए कई सफारी पहले ही ऑनलाइन बुक हो चुकी हैं और सभी निर्धारित मार्गों पर पर्यटकों को जंगल सफारी कराई जाएगी।

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरिस्का में पर्यटकों के बढ़ते उत्साह के बीच पहले दिन बड़ी संख्या में बुकिंग हो चुकी है। जिप्सी सफारी का किराया करीब आठ हजार रुपए है, जिसमें छह लोग एक साथ सफारी कर सकते हैं।

तीन महीने तक बारिश के कारण बंद रहे जंगल में अब पर्यटकों की चहल-पहल लौटने वाली है। मुख्य द्वार पर स्वागत के बाद पर्यटक जंगल में प्रवेश करेंगे और बाघों सहित अन्य वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। सरिस्का प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है।

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