अलवर , अगस्त 26 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य के टहला रेंज में बिना वैध अनुमति के पर्यटकों को सफारी कराने के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि विशेष सूत्रों और गश्ती रिपोर्टों के आधार पर सहायक वन संरक्षक (वन्यजीव), टहला कार्यालय ने होटल-रिसॉर्ट संचालकों के साथ पंजीकृत एवं अपंजीकृत जिप्सी संचालकों को चेतावनी नोटिस जारी किया है।

नोटिस में बताया गया है कि कुछ होटल, रिसॉर्ट और जिप्सी संचालक पर्यटकों को बिना वैध अनुमति के टहला रेंज के वन क्षेत्र में सफारी करा रहे हैं।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी वाहनों और अनधिकृत गाइड के माध्यम से वन क्षेत्र में प्रवेश कराना वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास और वन संरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन है। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियां वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 27, 28, 31 और 35 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं।

सूत्रों ने बताया कि विभाग की इस कार्रवाई से टहला क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही सफारी गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।

सहायक वन संरक्षक सुरेश चौधरी की ओर से जारी चेतावनी नोटिस में होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों और पंजीकृत और अपंजीकृत जिप्सी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संचालित किसी भी प्रकार की अनधिकृत अथवा अवैध सफारी गतिविधि को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। विभाग ने साफ किया है कि पर्यटकों को बिना अनुमति वन क्षेत्र में ले जाने की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वन विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की अवैध सफारी या वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश की गतिविधि सामने आती है तो संबंधित वाहन, वाहन मालिक और होटल-रिसॉर्ट संचालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की धारा 27, 28, 31, 35 और 50 सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। विभाग ने संबंधित लोगों को स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरिस्का में बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। ऐसे में बिना अनुमति निजी वाहनों या अनधिकृत गाइड के जरिए पर्यटकों को वन क्षेत्र में ले जाने की गतिविधियों पर विभाग की नजर है। टहला रेंज को लेकर जारी यह चेतावनी नोटिस इस बात का संकेत है कि अब अवैध सफारी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ विभाग कार्रवाई का रुख अपनाने जा रहा है।

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